डबरा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब स्वामित्व योजना के एक मामले को लेकर स्थानीय निवासी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। नगर के रहने वाले धर्मेंद्र सिसोदिया ने अपने परिवार के साथ मिलकर कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया।
एक घंटे तक ठप रहा कामकाज
कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने के कारण भीतर प्रशासनिक कार्य लगभग एक घंटे तक पूरी तरह प्रभावित रहे। इस दौरान अंदर मौजूद कर्मचारी और बाहर खड़े लोग असमंजस की स्थिति में रहे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्य गेट का ताला खुलवाया गया।
पुश्तैनी चबूतरे के रिकॉर्ड से जुड़ा है पूरा विवाद
यह पूरा मामला ग्राम पंचायत बेरु के तहत आने वाले ग्राम कद्दू का बताया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वाले धर्मेंद्र सिसोदिया का कहना है कि स्वामित्व योजना के तहत जब क्षेत्र में ड्रोन सर्वे और मैपिंग की जा रही थी, तब उनके घर के सामने बने पुश्तैनी चबूतरे का एक हिस्सा शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज होने से छूट गया था।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष है कि संबंधित स्थल पर पहले कचरा और घूरा डाला जाता था, जिसे बाद में पंचायत सचिव द्वारा साफ कराया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सर्वे में छूटे हुए हिस्से को लेकर व्यक्ति को तहसील कार्यालय में विधिवत आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि नियमों के दायरे में रहकर समस्या का उचित समाधान निकाला जा सके।
प्रशासनिक कार्रवाई पर हो रहा विचार
जनपद पंचायत के प्रभारी सीईओ ऋषभ अवस्थी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व योजना के सर्वे से असंतुष्ट होकर युवक द्वारा कार्यालय में यह कदम उठाया गया था। पुलिस की सहायता से ताला खुलवाने के बाद उसे समझा-बुझाकर उचित मंच पर आवेदन देने के लिए कहा गया।
प्रभारी सीईओ ने यह भी कहा कि सरकारी दफ्तर में इस प्रकार का हंगामा करना और शासकीय कामकाज में बाधा उत्पन्न करना गंभीर विषय है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी कार्यपालिक दंडाधिकारी, थाना प्रभारी और एसडीओपी के संज्ञान में डाल दी गई है, और स्थिति को देखते हुए आगामी कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!