विजकपुर के आदिवासियों ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

डबरा विकासखंड की ग्राम पंचायत विजकपुर के सहरिया आदिवासी परिवारों ने बुनियादी जरूरतों और आवास पट्टों की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। इस सिलसिले में ग्रामीणों ने कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर डबरा एसडीएम को एक ज्ञापन प्रेषित किया है।

भगवान बिरसा मुंडा नगर में बसर कर रहे हैं 245 परिवार

एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि विजकपुर पंचायत क्षेत्र में 'भगवान बिरसा मुंडा नगर' बसाया गया है, जहां कुल 245 सहरिया आदिवासी और भूमिहीन गरीब परिवार निवास करते हैं। ये तमाम परिवार घास-फूस की छत और मिट्टी की दीवारों से बनी झुग्गियों में रहकर दैनिक मजदूरी के जरिए अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं।

पानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट

ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को उजागर करते हुए बताया कि इस बस्ती में पेयजल के लिए एक भी हैंडपंप या नलकूप नहीं है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में सिंध नदी का दूषित पानी पीना पड़ रहा है और बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, बिजली कनेक्शन न होने के कारण पूरी बस्ती अंधेरे में रहती है, जिससे जहरीले जीवों और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। आने-जाने के लिए पक्का मार्ग न होने से लोगों को जंगलों के रास्ते से गुजरना पड़ता है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि बस्ती में पेयजल हेतु हैंडपंप लगवाए जाएं, बिजली आपूर्ति के लिए 25 एचपी का ट्रांसफार्मर और पोल स्थापित किए जाएं, पक्की सड़क का निर्माण हो तथा भू-आबादी का सर्वे कराकर सभी पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे दिए जाएं।

मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं किया, तो बस्ती के सभी 1200 सदस्य अपने परिवारों सहित डबरा तहसील और ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन सौंपने के दौरान महाराज सिंह राजोरिया, सूबेदार बिजौल, दीपक खरे, राजेंद्र जाटव विलौआ और जयप्रकाश शर्मा सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।