स्थानीय पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंसा और अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने यह वीडियो अपने एक परिचित की राइफल के साथ शूट किया था। पुलिस की पूछताछ के दौरान उसने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे क्लिप्स
बीते रविवार को इंटरनेट मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से प्रसारित हुए थे, जिन्हें एक यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। इनमें से एक क्लिप में वह एक बालक की चप्पलों से पिटाई करता नजर आ रहा था, जबकि दूसरी क्लिप में वह कारतूसों की पेटी के साथ राइफल लहराते हुए दिखाई दे रहा था।
ऑपरेशन ईगल के तहत पुलिस की विशेष कार्रवाई
इन वीडियो के सामने आने के बाद ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने डबरा थाना प्रभारी संजय शर्मा को 'ऑपरेशन ईगल' अभियान के अंतर्गत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें प्रधान आरक्षक शिवशांत पांडे और साइबर सेल के विशेषज्ञों को शामिल किया गया था।
खुफिया तंत्र और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने सोमवार देर रात पिछोर तिराहा क्षेत्र से संदिग्ध युवक को धर दबोचा। दस्तावेजों की जांच करने पर उसकी उम्र नाबालिग पाई गई। पूछताछ में सामने आया कि उसने केवल अपनी धमक जमाने के लिए यह सामग्री ऑनलाइन साझा की थी।
दोस्त की राइफल और तमंचा बरामद
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वीडियो में दिखाई देने वाली राइफल चीनौर निवासी उसके दोस्त बेताल कुशवाह की है। पुलिस अब उस हथियार को बरामद करने के लिए बेताल की तलाश कर रही है। इसके साथ ही तलाशी के दौरान नाबालिग के पास से 315 बोर का एक देसी तमंचा और जिंदा कारतूस भी मिला है।
इसी रात एक अन्य कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कटऊ नहर की पुलिया के समीप से अशफाक खान नामक एक अन्य युवक को भी दबोचा, जिसके पास से भी अवैध हथियार और कारतूस जब्त किए गए हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर हथियारों के स्रोतों की गहराई से जांच शुरू कर दी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!