डबरा शहर में विजयादशमी के पावन अवसर पर हिंदू उत्सव समारोह समिति के बैनर तले रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए स्थानीय स्टेडियम ग्राउंड में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हुए थे।

संन्यास आश्रम से निकला चल समारोह

शाम करीब 7 बजे शहर के संन्यास आश्रम से एक भव्य चल समारोह की शुरुआत हुई। इस जुलूस में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों की अगुवाई रही, जो नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए रात लगभग 9 बजे स्टेडियम ग्राउंड पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर इस यात्रा का स्वागत किया गया।

मेघनाद वध के बाद हुआ रावण का दहन

स्टेडियम मैदान में पहुंचने पर सबसे पहले श्रीराम और रावण की सेनाओं के बीच प्रतीकात्मक युद्ध का मंचन किया गया। इसके उपरांत मेघनाद के पुतले को आग के हवाले किया गया और अंत में भगवान श्रीराम द्वारा रावण की नाभि पर अग्निबाण चलाए जाने के साथ ही रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

मेरे आकलन के अनुसार, चंबल-ग्वालियर संभाग का सबसे बड़ा और भव्य रावण दहन डबरा में ही होता है। यह एक अत्यंत गौरवशाली और बड़ा कार्यक्रम है, जिसके सफल आयोजन के लिए समिति बधाई की पात्र है।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए जयभान सिंह पवैया ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसे विशाल और भव्य आयोजनों का निरंतर होते रहना बेहद आवश्यक है।