करियावटी पंचायत में वित्तीय अनियमित्ताओं और फर्जीवाड़े पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

ग्वालियर जिले के डबरा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत करियावटी में बड़े पैमाने पर वित्तीय घपले और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन गंभीर आरोपों के बीच जिला प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाते हुए पंचायत सचिव के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने प्राप्त शिकायतों और शपथ पत्रों का संज्ञान लिया। इसके आधार पर ग्राम पंचायत करियावटी के सचिव शैलेन्द्र सिंह जाट को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटा दिया गया है।

जनपद कार्यालय में अटैच किए गए सचिव, रोजगार सहायक को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जब तक सचिव के खिलाफ चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक शैलेन्द्र सिंह जाट को डबरा जनपद पंचायत कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। पंचायत का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए ग्राम रोजगार सहायक सीमा शर्मा को सचिवीय कार्यों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

डबरा जनपद पंचायत के इंस्पेक्टर ओपी चोपड़ा ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सीईओ के निर्देशों के पालन में सचिव को पंचायत से मुक्त कर जनपद कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

महिला सरपंच ने दिए थे शपथ पत्र, लोकायुक्त में भी चल रही है जांच

इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत की महिला सरपंच रानो बाई (पत्नी रामसिंह बाथम) ने संभागीय आयुक्त, ग्वालियर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने शपथ पत्र देकर सचिव शैलेन्द्र सिंह जाट के खिलाफ गंभीर दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सचिव ने महिला सरपंच को धमकाकर जबरन हस्ताक्षर कराए। साथ ही, अपने सगे-संबंधियों और परिचितों के नाम पर फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर पंचायत के खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई और बाद में उस राशि को खुद हड़प लिया। इन तमाम वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर सचिव के खिलाफ लोकायुक्त में भी प्रकरण जांचाधीन है।