ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र अंतर्गत भितरवार में डेढ़ बीघा जमीन के विवाद ने एक वकील की जान ले ली। अधिवक्ता रतन सिंह यादव को दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। हमलावरों ने उनकी गर्दन और छाती में तीन गोलियां मारीं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात का आरोप उनके चचेरे भाई और भतीजे सहित तीन रिश्तेदारों पर लगा है, जो घटना के बाद से ही फरार हैं।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, भितरवार में हरसी रोड पर स्थित लगभग डेढ़ बीघा विवादित जमीन को लेकर रतन सिंह यादव का अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ न्यायालय में प्रकरण चल रहा था। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे वे इस जमीन पर पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद गहरा गया और आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

इस हत्याकांड में चचेरे भाई राकेश यादव, भतीजे राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत को नामजद किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी गगन हनवत और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान शुरू कर दिया है।

अभिभाषक संघ ने किया थाने का घेराव

इस घटना से भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में वकील भितरवार थाने पहुंचे और उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर घेराव किया। पुलिस अधिकारियों ने वकीलों को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

भितरवार एसडीओपी गगन हनवत ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 12:30 बजे सूचना मिली थी कि भितरवार-डबरा रोड स्थित आशा भोजनालय के पास अधिवक्ता रतन यादव पर तीन युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग की है। हमले में उन्हें कमर के दाहिने हिस्से, गर्दन के नीचे और शरीर के अन्य भाग में गोली लगी थी। प्रारंभिक जांच में यह वारदात पुरानी रंजिश या जमीन से जुड़े विवाद का परिणाम प्रतीत हो रही है।

पुलिस का कहना है कि सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।