ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले डबरा नगर पालिका क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान चरम पर पहुंच चुकी है। स्थानीय विकास कार्यों को मंजूरी न मिलने और फाइलें रोके जाने से नाराज पार्षदों का आंदोलन दूसरे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। इस प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने विरोध का एक अनूठा तरीका अपनाया।
भैंस के आगे बीन बजाकर अनोखा प्रदर्शन
हड़ताल पर बैठे उपाध्यक्ष समेत करीब 12 पार्षदों ने मंगलवार को नगर पालिका परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया। पार्षदों ने परिसर में 'भैंस के आगे बीन बजाकर' अपनी नाराजगी जाहिर की। विरोध प्रदर्शन कर रहे हीरा सरदार और अन्य पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष की कार्यप्रणाली की वजह से शहर के तमाम जरूरी विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं।
पार्षदों की खुली बैठक की दो टूक मांग
नाराज पार्षदों ने प्रशासन के समक्ष खुली चुनौती पेश करते हुए मांग की है कि आगामी 5 तारीख को परिषद की खुली बैठक बुलाई जाए। उनका कहना है कि इस बैठक के माध्यम से जनता के सामने सच्चाई आ जाएगी कि कौन विकास कार्यों में बाधा बन रहा है और कौन नहीं।
अध्यक्ष प्रतिनिधि का पलटवार और भ्रष्टाचार के आरोप
दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी के प्रतिनिधि जीतू राजा ने शाम को बुलाई गई प्रेस वार्ता में इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास कार्य से जुड़ी फाइल को नहीं रोका गया है, बल्कि सभी काम नियमानुसार किए जा रहे हैं।
अध्यक्ष प्रतिनिधि ने उलटा प्रदर्शनकारी पार्षदों पर ही गंभीर आरोप मढ़े। उनका कहना था कि ये पार्षद कर्मचारियों और अधिकारियों को लोकायुक्त तथा ईओडब्ल्यू की झूठी शिकायतों के जरिए डराने का प्रयास कर रहे हैं और अध्यक्ष पर अनुचित दबाव बना रहे हैं।
7 तारीख को परिषद की बैठक बुलाने का दावा
विवाद के बीच अध्यक्ष प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को आगामी 7 तारीख को परिषद की आधिकारिक बैठक आयोजित करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। बहरहाल, दोनों पक्षों के इस सियासी घमासान के कारण डबरा शहर के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता परेशान हो रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!