ग्वालियर जिले के डबरा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सराफा व्यापारी ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर भितरवार के धूमेश्वर धाम के पास सिंध नदी में छलांग लगा दी। नदी में कूदने से ठीक पहले व्यापारी ने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी थी और स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप पर एक सुसाइड नोट भी साझा किया था।
हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप
सामने आए सुसाइड नोट के मुताबिक, लापता व्यापारी की पहचान मनोज सोनी (पुत्र भगवानदास सोनी) के रूप में हुई है। उन्होंने अपने नोट में खड़वई गांव निवासी प्रवेश बघेल और मनीष बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना था कि इन आरोपियों ने उन्हें एक सुनियोजित हनीट्रैप में फंसा लिया था और लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
कारोबारी ने सुसाइड नोट में उल्लेख किया है कि आरोपी अब तक उनसे ढाई लाख रुपए ऐंठ चुके थे। इसके बावजूद उनकी पैसों की भूख शांत नहीं हुई और वे लगातार और रकम की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर झूठे मामलों में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया। एसडीओपी गगन हनवत और भितरवार थाना प्रभारी बलबीर मावई फौरन अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सिंध नदी में व्यापारी की तलाश शुरू की गई, लेकिन नदी का जलस्तर और बहाव तेज होने के कारण शुरुआती घंटों में कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी।
सुबह फिर शुरू होगा तलाशी अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात के समय अंधेरा छा जाने और पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। बुधवार शाम को शुरू हुई तलाश को गुरुवार सुबह दोबारा पूरी ताकत के साथ शुरू किया जाएगा। पुलिस ने पीड़ित द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट को मुख्य आधार बनाते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!