ग्वालियर जिले के डबरा शहर में आवारा मवेशियों की आवाजाही और उनके कारण होने वाली समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नगर पालिका के तमाम दावों और वादों के बावजूद शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक मवेशियों का जमघट आम बात हो गई है।
अचानक मकान की छत और टीन शेड पर जा पहुंचा सांड
शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे रामगढ़ पुल के पास स्थित एसआरएम अस्पताल के पीछे एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। यहां रहने वाले धर्मेंद्र बघेल का घर उस समय सुर्खियों में आ गया जब उनके मकान के अंदर एक आवारा सांड घुस गया। घर का बाहरी शटर खुला होने के कारण सांड चुपचाप अंदर दाखिल हुआ और सीढ़ियों के रास्ते सीधे छत पर जा पहुंचा, जिसके बाद वह बाहर लगे टीन शेड पर आकर खड़ा हो गया।
जब रास्ते से गुजर रहे लोगों की नजर मकान की टीन शेड पर खड़े सांड पर पड़ी, तो वहां हड़कंप मच गया। देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों को इस बात का डर सता रहा था कि यदि सांड का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिरा, तो उसे गंभीर चोटें आ सकती हैं। भीड़भाड़ के बावजूद किसी ने भी उसे डराने या भगाने की कोशिश नहीं की।
रोटी का लालच देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया
स्थिति को भांपते हुए मकान मालिक धर्मेंद्र बघेल ने समझदारी दिखाई। उन्होंने सांड का ध्यान भटकाने और उसे नीचे उतारने के लिए रोटी का सहारा लिया। करीब आधे घंटे तक चले इस रेस्क्यूनुमा प्रयास के बाद आखिरकार सांड को रोटी दिखाकर सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकाला गया।
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों का कहना है कि आवारा मवेशी आए दिन सड़कों पर आपस में लड़ते रहते हैं और राहगीरों को टक्कर मारकर घायल कर रहे हैं। गनीमत रही कि इस घटना में समय रहते सांड को उतार लिया गया, अन्यथा इतनी ऊंचाई से गिरने पर बड़ा हादसा हो सकता था।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!