ग्वालियर जिले के डबरा में हाईवे पर स्थित मामा होटल पर अवैध रूप से शराब बेचे जाने के संदेह को लेकर रविवार रात हालात तनावपूर्ण हो गए। इस दौरान होटल संचालक और शराब ठेकेदार के कर्मचारियों के बीच जमकर लात-घूंसे चले और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ।

दोनों पक्षों के लोग गंभीर रूप से घायल

इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

होटल संचालक पक्ष के आरोप

होटल संचालक 20 वर्षीय आशीष सिंह ने पुलिस को बताया कि रविवार रात वह और उनके पिता राजवीर चौहान होटल पर मौजूद थे। इसी दौरान पुष्पेंद्र गुर्जर, राजेश गुर्जर और दो अन्य लोग वहां आए और शराब पीने-पिलाने की बात को लेकर अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने पिता-पुत्र के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और उनका मोबाइल फोन भी टूट गया।

शराब ठेकेदार के कर्मचारी का पक्ष

दूसरी ओर, ठेकेदार के कर्मचारी 24 वर्षीय पुष्पेंद्र गुर्जर का कहना है कि वह अपने साथी राजेश के साथ होटल पर गया था। वहां ऑर्डर देने पर होटल मालिक राजवीर और उसके बेटे आशीष ने पुरानी रंजिश का ताना मारकर बदसलूकी की। विरोध जताने पर राजवीर, आशीष और शिवम राजावत ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथों की हथेलियों पर गहरे घाव आ गए।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और अभियान

डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईवे के होटल और ढाबा संचालक अक्सर बाहर से सस्ती शराब लाकर अवैध रूप से बेचते हैं, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान होता है और ऐसी विवादित स्थितियां बनती हैं। पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। पिछले दिनों पुलिस ने अपना ढाबा, हिचकी ढाबा, चांदपुर के पास के ढाबों और शिक्षक कॉलोनी से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी।