डबरा में पिछले तीन दिनों से जारी नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पार्षदों के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद कर्मचारी काम पर लौटने को राजी हो गए, जिसके बाद शाम के समय से शहर की सड़कों और मोहल्लों में सफाई का काम दोबारा शुरू कर दिया गया।

त्योहार के बीच बिगड़ गई थी व्यवस्था

कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण डबरा शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। वर्तमान में नवदुर्गा का पावन पर्व चल रहा है और विभिन्न स्थानों पर माता की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, लेकिन कचरा उठाने वाला कोई नहीं होने के कारण शहर के हर कोने पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे। हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लगातार कर्मचारियों को मनाने के प्रयास में जुटा हुआ था।

इन प्रमुख मांगों को लेकर डटे थे कर्मी

हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण के अनुसार वेतन देना, नई पोशाक उपलब्ध कराना और सफाई कार्यों के लिए आधुनिक व नए संसाधन मुहैया कराना शामिल था। इसके साथ ही संविदा पर सेवाएं दे रहे कर्मियों को स्थायी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही थी। पहले कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और अधिकारियों का कहना था कि फाइल उच्च स्तर पर भेजी गई है।

स्थिति को संभालते हुए गुरुवार को सीएमओ साक्षी वाजपेई और नगर पालिका के पार्षदों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में काफी देर तक मान-मनोवल का दौर चला। सीएमओ ने कर्मचारियों से अनुरोध किया कि उनकी मांगों के प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है और इन्हें जल्द स्वीकृत कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

प्रशासनिक आश्वासन के बाद बनी सहमति

प्रशासन की ओर से मिले भरोसे के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। हड़ताल खत्म होते ही नगर पालिका की टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे कचरे के ढेरों को हटाना शुरू कर दिया है।

नगर पालिका की सीएमओ साक्षी बाजपेई ने बताया कि कर्मचारियों के साथ हुई सार्थक चर्चा के बाद हड़ताल को सफलतापूर्वक समाप्त करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां कचरे के ढेर जमा हो गए थे, उन सभी को प्राथमिकता के आधार पर साफ कराया जा रहा है ताकि आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो।