डबरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहरी इलाकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय कांग्रेस पार्षदों और नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने शहर में चरमराई व्यवस्थाओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और प्रशासनिक अमले पर लापरवाही का आरोप लगाया।
बरसात से पहले नालों की नहीं हुई सफाई
इस प्रदर्शन में वार्ड-16 की पार्षद सुनीता राजोरिया, वार्ड-13 के पार्षद हरविंदर सिंह हीरा, सुमित साहू, कमलेश बाथम, साथ ही कांग्रेस नेता महाराज सिंह राजोरिया और बहादुर रावत अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि मानसून की आहट के बीच भी डबरा गांव नरिया के मुख्य नालों की सफाई का कार्य अधूरा पड़ा है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जल निकासी के प्रबंध नहीं किए गए, तो तेज बारिश के दौरान बस्तियों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पुलिया निर्माण और सीवर कार्य पर उठे सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने रामगढ़ नाला क्षेत्र स्थित नंदू के डेरा की पुलिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पिछली परिषद बैठक में 60 लाख रुपए की लागत से इस पुलिया के निर्माण को स्वीकृति मिली थी, लेकिन धरातल पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। इसके साथ ही बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए रिटेनिंग वॉल बनवाने की मांग भी रखी गई। सीवर प्रोजेक्ट को लेकर आरोप लगाया गया कि ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से घटिया निर्माण किया जा रहा है, और इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से लगातार भुगतान जारी है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
विकास कार्यों की अनदेखी और आरटीआई का मामला
ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाए गए कि विपक्षी पार्षदों के वार्डों में जानबूझकर विकास कार्यों की उपेक्षा की जाती है जिससे स्थानीय रहवासियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत मांगे जाने वाले जरूरी दस्तावेज और जानकारियां भी तय समयसीमा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
कांग्रेस पार्षदों द्वारा उठाए गए इन तमाम मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों से पूरे मामले की जानकारी मंगवाई जाएगी और सभी बिंदुओं की जांच कर आगामी सात दिनों के भीतर समुचित समाधान निकाला जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!