पांच दिन की मशक्कत के बाद मिला शव
भितरवार क्षेत्र के प्रसिद्ध धूमेश्वर धाम पर सिंध नदी में छलांग लगाने वाले स्थानीय सराफा व्यापारी का शव आखिरकार पांचवें दिन रविवार की सुबह खोज निकाला गया। एसडीआरएफ की टीम को यह सफलता कड़ी मशक्कत के बाद मिली।
घटनास्थल से महज 50 मीटर दूर था शव
बुधवार शाम करीब चार बजे सराफा व्यवसायी मनोज सोनी ने धूमेश्वर धाम के नौ चौकिया के पास सिंध नदी में छलांग लगा दी थी। पिछले चार दिनों से प्रशासन और बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटे थे। रविवार सुबह सात बजे से एसडीआरएफ की दो टीमों ने दो बोट के जरिए नदी में फिर से सर्चिंग अभियान शुरू किया।
तलाशी के दौरान टीम को घटनास्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर पानी के अंदर पत्थरों के बीच एक हाथ नजर आया। करीब से देखने पर पता चला कि शव वहीं फंसा हुआ था। बाहर निकालकर परिजनों को दिखाए जाने पर उन्होंने इसकी शिनाख्त मनोज सोनी के रूप में की।
सर्चिंग के दायरे को लेकर हैरानी
खास बात यह रही कि बचाव दल बीते पांच दिनों तक घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर के दायरे में व्यापारी की तलाश करता रहा, जबकि उनका शव ठीक उसी स्थान से केवल 50 मीटर की दूरी पर पत्थरों के बीच अटका हुआ था।
सराफा व्यवसायी का शव मिल गया है, जिसका पीएम कराकर परिजनों को दे दिया गया है। परिजनों के बयानों और सुसाइड नोट के आधार पर मामले की आगे की जांच की जाएगी। - बलवीर मावई, थाना प्रभारी भितरवार
पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। स्थानीय प्रशासन अब इस पूरे मामले में मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!