ग्वालियर अंचल के डबरा के सहोना गांव में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के मामले में स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है।

पुणे में उपजे विवाद से जुड़ी है पूरी घटना

पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सहोना गांव निवासी अतर सिंह बाथम के भाई मनीष बाथम ड्राइवरी का काम करते हैं। करीब चार दिन पूर्व मनीष, नींवी गांव के मनोज परिहार के साथ पुणे गए थे। उसी दौरान वहां सालबई गांव के रहने वाले गिर्राज परिहार और योगेश परिहार भी मौजूद थे। पुणे में किसी लड़की के विषय को लेकर गिर्राज और योगेश का मनोज परिहार के साथ झगड़ा हो गया था, जिसमें मनीष बाथम ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया था।

घर के बाहर पहुंचकर की गई थी अंधाधुंध फायरिंग

इसी बात की रंजिश को मन में रखते हुए गिर्राज और योगेश अपने एक अन्य साथी के साथ देर रात सहोना गांव पहुंचे। आरोपियों ने मनीष बाथम के घर के बाहर खड़े होकर अनाथपार्श्व गालियां दीं और हंगामा शुरू कर दिया। जब मनीष के भाई अतर सिंह आवाज सुनकर बाहर आए, तो हमलावरों ने अवैध हथियार से फायर झोंक दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

मौके से मिला था कारतूस, पिछोर थाने में दर्ज हुआ मामला

घटना की सूचना मिलते ही पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक चला हुआ कारतूस भी बरामद किया। पीड़ित अतर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने गिर्राज परिहार, योगेश परिहार और उनके अज्ञात तीसरे साथी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, तीसरे की तलाश जारी

कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पिछोर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिर्राज और योगेश को पिछोर तिराहा क्षेत्र से दबोच लिया। पुलिस अब पकड़े गए दोनों आरोपियों से उनके फरार तीसरे साथी के ठिकाने के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को विधिवत न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।