ग्वालियर अंचल के डबरा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि के बंटवारे को लेकर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच ठन गई है। पंद्रहवें वित्त आयोग के फंड के कथित असमान वितरण से नाराज जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष सहित दस निर्वाचित सदस्यों ने मुखर विरोध दर्ज कराया है।

68 पंचायतों में से चुनिंदा क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का आरोप

नाराज सदस्यों का कहना है कि डबरा जनपद के अंतर्गत कुल 68 ग्राम पंचायतें आती हैं, लेकिन बजट आवंटन में सभी के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि देवगढ़ समेत कुछ खास पंचायतों को ही बार-बार प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे बाकी के ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य ठप पड़े हैं।

जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि उनके अपने क्षेत्रों में काम न होने के कारण उन्हें जनता के तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते सभी सदस्यों ने एकजुट होकर प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मांग पूरी न होने पर बड़े कदम की चेतावनी दी है।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के तहत जनपद उपाध्यक्ष वृंदावन बघेल के नेतृत्व में दस सदस्यों ने डबरा एसडीएम से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में रामेश्वर तिवारी, मेहताब सिंह गुर्जर, लाखन सिंह बोल, सावित्री परिहार, रामराजा गुर्जर, रेजना भदौरिया, रचना सैन, भारती गुर्जर और रानी आदिवासी शामिल रहे। सदस्यों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस भेदभाव को समाप्त कर समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।

प्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई

जनपदों के सदस्यों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। डबरा एसडीएम ने जनप्रतिनिधियों का आवेदन स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया है कि यह विशेष मामला उनके सीधे अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है।

एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि इस ज्ञापन को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), कलेक्टर और अन्य संबंधित उच्च अधिकारियों तक अग्रेषित किया जाएगा ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।

दूसरी ओर, जनपद पंचायत की सीईओ उषा शर्मा ने इन तमाम आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र की सभी पंचायतों में नियमानुसार समान रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सदस्यों को शिकायत है, उनसे चर्चा कर पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी।