डबरा शहर के मुख्य मार्गों की हालत इन दिनों बेहद दयनीय बनी हुई है। मानसून का सीजन बीत जाने के बावजूद नगरपालिका प्रशासन की ओर से सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आलम यह है कि शहर की प्रमुख सड़कों से डामर पूरी तरह गायब हो चुका है और उनकी जगह सिर्फ जानलेवा गड्ढे ही शेष बचे हैं। स्थानीय नागरिक पिछले एक साल से अधिक समय से इन बदहाल रास्तों का दंश झेलने को मजबूर हैं।

वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा हुआ सफर

सड़कों के इन गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। नई सड़कों का निर्माण तो दूर की बात है, नगरपालिका द्वारा इनमें पैचवर्क करवाकर गड्ढे भरने का काम भी नहीं किया जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते राहगीरों और चालकों के लिए इन रास्तों से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है।

कमर और रीढ़ की हड्डी के दर्द से जूझ रहे शहरवासी

खराब रास्तों पर हिचकोले खाते वाहनों और लगातार लगने वाले झटकों के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। शहराई गांव के रहने वाले संदीप शर्मा का कहना है कि बुजुर्ग रोड से मुख्य मार्ग तक जाने के लिए अनगिनत गड्ढों का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें पिछले कुछ महीनों से रीढ़ की हड्डी और कमर में तेज दर्द की शिकायत हो गई है। ऑनलाइन डिलीवरी का काम करने वाले दीपक साहू ने भी बताया कि रोज गड्ढों में बाइक चलाने की मजबूरी के कारण उनकी गर्दन में भी दर्द रहने लगा है।

शहर के प्रमुख मार्गों की बिगड़ी हुई है तस्वीर

शहर के पुराना गाड़ी अड्डा रोड की स्थिति बेहद खराब है, जहां ठेकेदार गिट्टी डालकर छोड़ गया था और अब बारिश के बाद वहां कीचड़ व जलभराव से पैदल चलना तक मुश्किल है। इसके अलावा सिंधिया चौराहे से शुक्ला डेयरी तक जाने वाले बुजुर्ग रोड और अग्रसेन चौराहे से ठाकुर बाबा रोड तथा सरस्वती शिशु मंदिर से शहनाई गार्डन तक का हिस्सा गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। स्थानीय पार्षद और नागरिक इन समस्याओं को लेकर पहले प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिल पाई है।

प्रशासनिक पक्ष और चिकित्सीय सलाह

डबरा नगरपालिका की सीएमओ साक्षी वाजपेयी का इस मामले में कहना है कि सीवर प्रोजेक्ट के कारण फिलहाल सड़कों का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सका है, हालांकि मार्गों को चलने योग्य बनाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। वहीं सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन अग्रवाल का कहना है कि लगातार झटके लगने से सर्वाइकल, डिस्क स्लिप और जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं और समस्या होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।