ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में बने डबल लॉक खाद गोदाम पर मंगलवार की सुबह से ही किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। खाद पाने की उम्मीद में पहुंचे अन्नदाताओं में महिला किसान भी बड़ी संख्या में शामिल थीं।

फसलों में दूसरा पानी लगने से बढ़ी खाद की मांग

वर्तमान में खरीफ का सीजन चल रहा है और खेतों में फसलों को दूसरा पानी लगाया जा चुका है। ऐसे में पौधों को खाद की सख्त जरूरत है। किसान अपनी फसल बचाने के लिए सुबह सवेरे ही गोदाम पर पहुंच गए थे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रशासन ने संभाली कमान और लागू की टोकन प्रणाली

भारी भीड़ के कारण व्यवस्था बिगड़ने की सूचना मिलते ही गोदाम प्रभारी ने स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया। एसडीएम राजीव समाधिया के निर्देशों के पालन में तहसीलदार शिवदत्त कटारे पुलिस बल और राजस्व अमले के साथ तुरंत मंडी प्रांगण पहुंचे।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसानों को कतारबद्ध किया। वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मौके पर दो काउंटर बनाए गए, जिनके माध्यम से किसानों को टोकन बांटे जा रहे हैं ताकि बिना किसी हंगामे के खाद का वितरण किया जा सके।

खाद की कोई कमी नहीं है। कुछ ऐसी समितियों के किसान भी यहां पहुंच गए हैं, जिनकी सोसाइटियों में पहले से ही खाद उपलब्ध है, जिससे भीड़ बढ़ी है। टोकन के आधार पर सबको खाद दी जा रही है। - राजीव समाधिया, एसडीएम

क्षेत्र के किसान रामहेत, अजब सिंह, अंगूरी बाई, विक्रम सिंह और अरविंद सिंह ने बताया कि फसल में दूसरा पानी लग चुका है और इस समय यूरिया या अन्य खाद न मिलने पर उनकी फसलें चौपट हो सकती हैं। सुबह से लाइन में लगे इन किसानों का कहना है कि वे बिना खाद लिए वापस नहीं लौटेंगे।

प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है और सभी पात्र किसानों को उनकी बारी के अनुसार खाद मुहैया कराई जाएगी, इसलिए किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।