सड़क हादसों और विरोध प्रदर्शनों के बाद एक्शन
डबरा शहर के मुख्य मार्गों और राजमार्गों पर डेरा डाले रहने वाले आवारा गोवंशों को हटाने की दिशा में नगर पालिका ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई हाल ही में सामने आए सड़क हादसों और विभिन्न हिंदू संगठनों की नाराजगी के बाद अमल में लाई गई है। पिछले कुछ समय से सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं, जिनमें कई बार मवेशियों की जान भी चली जाती थी। स्थिति को देखते हुए हाल के दिनों में दो बार बड़े स्तर पर चक्का जाम भी किया गया था।
बल्ला का डेरा क्षेत्र से की गई शुरुआत
जनता के विरोध और लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद हरकत में आए स्थानीय प्रशासन ने मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष दलों का गठन किया। इसी कड़ी में नगर पालिका की टीम ने बड़े वाहनों और ट्रॉलियों के साथ बल्ला का डेरा इलाके में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान वहां घूम रहे सैकड़ों की तादाद में आवारा गोवंशों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।
चांदपुर गौशाला में की गई व्यवस्था
अभियान के तहत पकड़े गए सभी मवेशियों को वाहनों में लादकर चांदपुर स्थित गौशाला में भेजा जा रहा है। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गौशाला परिसर में इन बेसहारा पशुओं के लिए हरे चारे और पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा है ताकि उनकी देखभाल बेहतर ढंग से हो सके।
नगर पालिका के एचओ राजवीर राय ने स्पष्ट किया है कि मवेशियों को पकड़ने का यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। शहर को पूरी तरह से आवारा गोवंश मुक्त बनाने के लिए आगामी दिनों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रखने की योजना है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!