ग्वालियर-चंबल अंचल के भितरवार कस्बे में स्थित मुख्य बाजार के एक कोऑपरेटिव बैंक में सोमवार को पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। बैंक से बड़ी रकम निकालने पहुंचे कुछ ग्राहकों और बैंक के कर्मचारियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट और हंगामे तक पहुंच गया।

सवा चार लाख रुपए के भुगतान को लेकर हुआ था विवाद

घटना की जानकारी के मुताबिक, रोहित सेन और नत्थाराम सेन अपने तीन-चार अन्य साथियों के साथ बैंक शाखा में आए थे। उन्होंने अपने बैंक खाते में जमा लगभग सवा चार लाख रुपए निकालने की मांग रखी। बैंक के स्टाफ ने इस पर असमर्थता जताते हुए कहा कि फिलहाल बैंक में नकदी की कमी है, इसलिए भुगतान के लिए एक-दो महीने का इंतजार करना होगा।

कर्मचारी के साथ मारपीट और शटर डालने का आरोप

रुपए न मिलने पर ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा और दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद ग्राहकों ने बैंक कर्मी रवि नामदेव के साथ मारपीट की और उन्हें खींचकर बैंक से बाहर निकाल दिया। साथ ही बैंक का शटर गिराकर ताला लगाने की बात भी सामने आई है। इस दौरान कर्मचारी अपनी बाइक से भितरवार थाने पहुंचे।

विवाद की भनक लगते ही डायल-112 की टीम फौरन हरकत में आई और मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैंक का शटर खुलवाया और अंदर फंसे अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाला। इसके बाद बैंक संचालक और कर्मचारी भी थाने पहुंच गए।

दोनों पक्षों ने पुलिस के सामने रखी अपनी बात

एक तरफ ग्राहकों का पक्ष है कि उनकी जमा राशि की समयावधि पूरी हो चुकी है और उन्हें लंबे समय से भुगतान के लिए परेशान किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बैंक प्रबंधन का कहना है कि पर्याप्त नकदी उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल भुगतान में विलंब हो रहा है।

मामले को लेकर एसडीओपी गगन हनवत ने बताया कि कोऑपरेटिव बैंक में विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस बल को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया था। दोनों पक्षों को थाने लाया गया है जहां उनकी बातें सुनी गईं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।