डबरा और भितरवार क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और उत्खनन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला नगर परिषद भितरवार के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण गोलेश्वर महादेव मंदिर की पहाड़ी का है, जहां भू-माफियाओं द्वारा बेखौफ होकर शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।

पहाड़ी को छलनी कर निकाली जा रही है मुरम

मिली जानकारी के अनुसार, दबंगों और भू-माफियाओं ने पहले इस पहाड़ी से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मुरम का उत्खनन किया। हजारों ट्रॉली मुरम निकालकर बेचने के बाद अब खाली हुई और छलनी हो चुकी इस सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण खड़े किए जा रहे हैं। योजनाबद्ध तरीके से पहले पीछे की तरफ से मुरम खोदी जाती है और जमीन समतल होने पर वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाता है।

दर्जनों स्थानों पर तेजी से चल रहा निर्माण कार्य

वर्तमान स्थिति यह है कि पहाड़ी पर लगभग 20 से अधिक स्थानों पर अवैध निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इससे पहले भी सैकड़ों लोग यहां अवैध रूप से मकान बनाकर काबिज हो चुके हैं। कुल मिलाकर अब तक इस तरीके से 100 से ज्यादा पक्के मकान बनाए जा चुके हैं, और यह सिलसिला लगातार जारी है।

प्रशासन की चुप्पी और हादसे का खतरा

एक धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले क्षेत्र के नजदीक चल रहे इस अवैध कारोबार के बावजूद नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। विभागों की इस खामोशी की वजह से अतिक्रमणकारियों के हौसले सांतवें आसमान पर हैं। लगातार हो रहे उत्खनन से पहाड़ी पर कई जगह बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे आने वाले समय में भूस्खलन होने या किसी गंभीर हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

इस पूरे मामले पर भितरवार नगर परिषद की सीएमओ रीता कैलाशिया का कहना है कि पहाड़ी से मुरम खोदकर निर्माण कार्य किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। स्थिति की वास्तविकता जानने के लिए कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में निर्माण कार्य नियमों के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।