डबरा में बुधवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। वार्ड क्रमांक 16 के अंतर्गत आने वाले हनुमान गंज ढाडा क्षेत्र की निचली बस्ती में बड़े पैमाने पर पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
घरों में भरा घुटनों तक पानी
लगातार हुई बरसात के कारण जल निकासी के उचित प्रबंध न होने से स्थानीय लोगों के घरों में पानी घुस गया। निचली बस्ती के करीब 50 परिवार इस जलभराव से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। घरों के अंदर पानी भर जाने से गृहस्थी का सामान भीग गया और लोगों को अपने ही घरों में कैद होकर रहना पड़ा।
सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हर बार बरसात के मौसम में उन्हें इसी प्रकार की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है।
पार्षद ने लिया जायजा, अधिकारी नदारद
बस्ती में जलभराव की सूचना मिलने के बाद गुरुवार सुबह वार्ड पार्षद सुनीता महाराज सिंह राजोरिया ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
पार्षद ने इस समस्या की जानकारी तुरंत नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को दी, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई भी अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा था। पार्षद करीब दो घंटे तक क्षेत्र में रहकर पानी की निकासी के प्रयास में जुटी रहीं और इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की सफाई करवा दी जाती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। मात्र दो दिन पहले ही कांग्रेस पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा था।
इस ज्ञापन के माध्यम से डबरा क्षेत्र के नालों की समय पर सफाई कराने की मांग जोर-शोर से उठाई गई थी और बरसात के दौरान जलभराव की आशंका भी जताई गई थी। इसके बावजूद प्रशासन और नगर पालिका ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!