डबरा के पिछोर थाना इलाके में स्थित बड़ी अकबई गांव के पास शनिवार को स्कूल बस के चालक को निशाना बनाकर गोली चलाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार में से तीन आरोपियों को दबोच लिया है और रविवार को उन्हें घटनास्थल पर जुलूस के रूप में ले जाया गया।

बच्चों से भरी बस को रोककर की थी फायरिंग

यह घटना शनिवार सुबह की है, जब टेकनपुर के ले ग्लोरियस स्कूल की बस करीब 50 बच्चों को लेकर जा रही थी। बस को ड्राइवर खेम सिंह चला रहा था। जैसे ही वह बड़ी अकबई गांव के पास पहुंचा, एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार ने रास्ता रोक लिया। कार में सवार लोगों ने गाड़ी में धक्का लगवाने के बहाने चालक को नीचे बुलाया और उस पर अचानक फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया गया। बच्चों से जुड़े इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान और धरपकड़

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने तुरंत करीब 10 टीमों का गठन किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान भीमा यादव, राहुल यादव, अभिषेक यादव और शुभम यादव के रूप में हुई। पुलिस ने शनिवार शाम को ही ग्वालियर के अलग-अलग ठिकानों से इनमें से तीन आरोपियों को धर दबोचा, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है।

रविवार को डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार, पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत और गिजौर्रा थाना प्रभारी उपेंद्र धाकड़ तीनों गिरफ्तार आरोपियों को लेकर बड़ी अकबई गांव पहुंचे। पुलिस ने यहां आरोपियों से घटना का नाट्य रूपांतरण कराया और इलाके में उनका जुलूस निकाला। पुलिस अब चौथे फरार आरोपी की सुरागकशी में जुटी हुई है।

पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस हमले के पीछे साल 2022 की एक पुरानी रंजिश थी। उस समय ड्राइवर खेम सिंह और आरोपी भीमा उर्फ अर्जुन का बड़ा भाई श्रीकृष्ण डबरा गए थे, जहां एक हादसे में श्रीकृष्ण की मौत हो गई थी और खेम सिंह वहां से आ गया था। इसी बात को लेकर आरोपी पक्ष रंजिश मान रहा था और बदला लेने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया गया।