ग्वालियर-झांसी हाईवे (एनएच-44) पर डबरा क्षेत्र स्थित होटल रंगे पंजाब के समीप मंगलवार को उस समय यातायात बाधित हो गया, जब बड़ी संख्या में ट्रक चालकों ने सड़क के बीचों-बीच वाहन खड़े कर दिए। वाहन चालकों का आरोप था कि क्षेत्र से गुजरने वाले ट्रकों और कंटेनरों को आरटीओ की गाड़ी द्वारा रोककर अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है।

चालकों का आरोप: चालान के नाम पर वसूले जाते हैं रुपए

प्रदर्शनकारी चालकों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा से आ रहे ट्रकों को रोककर परेशान किया जा रहा था और चालान का डर दिखाकर हर बार 500 से 1,000 रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इस मनमानी से तंग आकर चालकों ने अपने वाहन हाइवे पर अड़ा दिए, जिससे वहां लंबा जाम लग गया। चालकों का दावा है कि विरोध बढ़ता देख आरटीओ की गाड़ी वहां से रवाना हो गई।

ड्राइवर की आपबीती और मोबाइल छीने जाने का मामला

इस पूरे घटनाक्रम पर हरियाणा के ट्रक ड्राइवर सलीम खान ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनसे भी 500 रुपए लिए गए थे। जब उन्होंने इस वसूली का वीडियो बनाना चाहा, तो उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। रोज़-रोज़ की इस प्रताड़ना और अवैध वसूली के विरोध में ही सभी ड्राइवरों ने मिलकर सड़क पर जाम लगाया था।

मुझ से 500 रुपए लिए गए। जब वीडियो बनाया तो मेरा मोबाइल छीन लिया। इस बात और रोज़-रोज़ की वसूली से परेशान होकर हमने जाम लगाया था। अधिकारियों ने मोबाइल वापस दिलवा दिया है। रुपए भी वापस करवा दिये है। आवेदन दिया है, जाम खोल रहे है। - सलीम ख़ान, ड्राइवर

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला जाम

घटना की सूचना मिलते ही डबरा टीआई संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और ड्राइवरों को शांत कराने का प्रयास किया। चालकों ने कड़े शब्दों में वसूली रोकने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। स्थिति को संभालते हुए एसडीओपी सौरभ कुमार भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन देने और लिखित आवेदन लेने के बाद लगभग ढाई घंटे तक चला आ रहा चक्काजाम आखिरकार समाप्त कराया गया। एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट किया कि आरटीओ की अवैध वसूली और ड्राइवर का मोबाइल छीने जाने के कारण यह जाम लगा था, जिसे अब खुलवा दिया गया है और पूरे मामले में नियमानुसार आरटीओ विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।