डबरा के चर्चित सर्राफा कारोबारी मनोज सोनी का शव घटना के पांच दिन बाद आखिरकार सिंध नदी से बरामद कर लिया गया है। पानी के बीच पत्थरों में फंसे इस शव को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी, और जलस्तर कम होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन सफल हो सका।
धूमेश्वर धाम के पास नदी में लगाई थी छलांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौवन वर्षीय सराफा व्यापारी मनोज सोनी पुत्र भगवान दास सोनी चार दिन पहले धूमेश्वर धाम के समीप पहुंचे थे और उन्होंने सिंध नदी में छलांग लगा दी थी। पानी में कूदने से ठीक पहले उन्होंने डबरा के स्थानीय व्यवसायियों के एक सोशल मीडिया ग्रुप पर अपना सुसाइड नोट साझा किया था।
सुसाइड नोट में रुपयों के लेनदेन और ब्लैकमेलिंग का जिक्र
व्यापारी द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में गंभीर खुलासे हुए हैं। नोट के अनुसार, ग्राम खडवई निवासी प्रवेश बघेल, बृजेंद्र सिंह बघेल और मनीष बघेल पर ढाई लाख रुपए लेने और उसके बाद लगातार ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि जब व्यापारी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उनके विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई।
इन तीन लोगों के अलावा, सुसाइड नोट में डबरा के ही तीन अन्य सर्राफा कारोबारियों के नाम भी शामिल हैं। मृतक ने इन सभी पर मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित करने का आरोप मढ़ा था, जिसके कारण वह गहरे तनाव में आ गए थे।
परिजनों ने जताई नाराजगी, पुलिस कार्रवाई का इंतजार
घटना के सामने आने के बाद मृतक के भाई सतीश सोनी ने सुसाइड नोट में नामजद सभी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज किए जाने की मांग उठाई है। परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर जांच के दौरान सुस्ती बरतने और लापरवाही दिखाने के आरोप भी लगाए हैं।
भितरवार थाना प्रभारी बलबीर मावई ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बरामद किए गए शव को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट हाथ आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!