डबरा शहर में यातायात व्यवस्था की बदहाली का खामियाजा आज एक व्यक्ति को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। शिव कॉलोनी के रहने वाले शिरीष गुप्ता को अचानक सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए निकले।

रेलवे ओवरब्रिज पर फंसी मरीज की गाड़ी

परिजन जब मरीज को लेकर अस्पताल जा रहे थे, तभी वे रास्ते में रेलवे ओवरब्रिज पर लगे भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। जाम में गाड़ी फंसने के कारण वे समय पर आगे नहीं बढ़ पाए और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

हालात गंभीर होने पर परिजनों ने जैसे-तैसे वाहन को वापस मोड़ा और दूसरे रास्ते से अस्पताल पहुंचे। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद शिरीष गुप्ता को मृत घोषित कर दिया।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

पड़ोसी अम्मू चौबे ने घटना पर दुख जताते हुए बताया कि शहर में रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है और ट्रैफिक पुलिस केवल चालान काटने में व्यस्त रहती है। यदि ब्रिज पर जाम नहीं होता, तो समय पर अस्पताल पहुंचकर मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

एसडीओपी सौरभ कुमार ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जानकारी मिली है। शहर में उत्पन्न हो रहे जाम के हालातों से निपटने के लिए अब नगर पालिका और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्य योजना बनाई जाएगी, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो।

ठप पड़ी सिग्नल व्यवस्था और बेपरवाह अमला

डबरा में चौराहे पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल लंबे समय से बंद पड़े हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अग्रसेन चौराहे से लेकर कटारिया चौराहे तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अनियंत्रित वाहनों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद यातायात अमला सिर्फ औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा रहता है।