डबरा शहर में क्रियान्वित किए जा रहे बहुप्रतीक्षित 88 करोड़ रुपए के सीवर प्रोजेक्ट के कामकाज पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गुणवत्ता संबंधी विभिन्न शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण कर हालातों का जायजा लिया।

अधिकारियों ने किया वार्ड 11 का निरीक्षण

नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे द्वारा की गई औपचारिक शिकायतों के आधार पर ग्वालियर से आए अधिकारी अभिषेक भदौरिया, मुख्य नगरपालिका अधिकारी साक्षी बाजपेयी और संबंधित ठेका कंपनी के इंजीनियर एवं सुपरवाइजर वार्ड 11 स्थित नहर रोड पर पहुंचे। इस दौरान टीम ने मौके पर बिछाए जा रहे पाइपों और खुदी हुई सड़कों की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया।

पाइप के व्यास और निर्माण कार्य पर आपत्तियां

निरीक्षण के दौरान पाइप के व्यास को लेकर मिली शिकायत पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मानक स्वीकृत हैं। नहर रोड पर योजना के तहत 170 मिलीमीटर व्यास का पाइप स्वीकृत किया गया है और उसी के अनुरूप कार्य प्रगति पर है। हालांकि, स्थानीय पार्षद धर्मेंद्र सिंह हैप्पी और नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केवल एक ही नहीं बल्कि शहर के कई वार्डों में मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है।

शिकायतकर्ताओं का मुख्य आरोप था कि सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की बेतरतीब खुदाई की जा रही है और काम पूरा होने के बाद मार्गों को चलने योग्य नहीं बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़कों की मरम्मत और प्रोजेक्ट का दायरा

जनप्रतिनिधियों के विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने ठेका एजेंसी को सख्त निर्देश दिए कि खुदाई वाले हिस्सों को तत्काल मूल स्थिति में लाया जाए। कंक्रीट सड़कों पर कंक्रीट और डीबीएम सड़कों पर डीबीएम का उपयोग कर रोलर चलवाने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं ताकि मार्ग पूरी तरह मोटरेबल बन सकें।

गौरतलब है कि लगभग 88 करोड़ रुपए की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत शहर के सभी 30 वार्डों में लगभग 250 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन डाली जानी है। इसके साथ ही 22.50 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य भी इस योजना में शामिल है।

इससे पहले भी नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सीवर लाइन के कार्यों में गुणवत्ता को लेकर आवाज उठा चुके हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक सुरेश राजे भी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग और निर्माण की गुणवत्ता का विषय प्रमुखता से उठा चुके हैं, जिसके बाद से प्रशासन इस पर विशेष नजर बनाए हुए है।