ग्वालियर जिले के डबरा नगर में 88 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे सीवर प्रोजेक्ट को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। खास बात यह है कि इस बहुप्रतीक्षित विकास कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप किसी विपक्ष ने नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के ही एक स्थानीय पार्षद ने लगाए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए गए गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद धर्मेंद्र सिंह उर्फ हैप्पी सरदार ने नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम पिछले पांच महीनों से लगातार जारी है, लेकिन धरातल पर इसकी कोई सुधि लेने वाला नहीं है।

पार्षद ने खुलासा किया कि निर्माण स्थल पर नियमों के मुताबिक रोड रोलर, कंपैक्शन मशीन और पानी के टैंकर जैसे बुनियादी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सड़कों की खुदाई के बाद किए जाने वाले भराव का कार्य भी बेहद घटिया स्तर पर हो रहा है, जिससे भविष्य में शहर की सड़कें धंसने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

डीपीआर और सर्वे रिपोर्ट छिपाने का लगाया आरोप

धर्मेंद्र सिंह ने आगे बताया कि पार्षद दल द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) साक्षी वाजपेयी से लगभग 10 बार प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और सर्वे रिपोर्ट की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ स्तर से कोई संतोषजनक जानकारी साझा नहीं की गई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के गाढ़े पसीने की करोड़ों रुपए की इस राशि से होने वाले निर्माण कार्यों की देखरेख और गुणवत्ता की मॉनिटरिंग आखिर कौन जिम्मेदार अधिकारी कर रहा है, इसका कोई जवाब नगर पालिका के पास नहीं है।

पाइप के साइज पर आपत्ति और आंदोलन की चेतावनी

सीवर लाइन के लिए डाले जा रहे पाइपों के आकार पर भी तकनीकी आपत्ति दर्ज कराई गई है। पार्षदों का कहना है कि इस्तेमाल किए जा रहे 7 इंच के पाइप मलबा और गंदे पानी की निकासी के लिए तकनीकी रूप से सक्षम हैं या नहीं, इसकी उच्च स्तरीय विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए।

पार्षद हैप्पी सरदार ने स्पष्टब्भाव में चेतावनी दी है कि जब तक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लेते और निर्माण कार्यों की निगरानी सुनिश्चित नहीं करते, तब तक स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर इस कार्य का विरोध पूरी मजबूती से जारी रहेगा।