डबरा अंचल में इन दिनों पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके चलते किसानों की धान की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। समय पर सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने की वजह से हरी-भरी फसलें अब सूखने लगी हैं, जिससे स्थानीय अन्नदाताओं की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

हरसी बांध में पानी होने के बाद भी फसलें प्यासी

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ग्वालियर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष अमरदीप औलख के नेतृत्व में किसानों ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि हरसी डैम में जल भंडारण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन विभागीय कुप्रबंधन के कारण नॉन नदी का पानी व्यर्थ बहकर बर्बाद हो रहा है।

किसान नेताओं ने मांग की है कि व्यर्थ बह रहे नदी के पानी को तुरंत डाइवर्ट करके नहरों की ओर मोड़ा जाए, ताकि निचले छोर के खेतों तक भी पानी पहुंच सके। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा।

डी-15 नहर में तत्काल जलापूर्ति की मांग

सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से बैरू हेड से निकलने वाली D-15 नहर में फौरन पर्याप्त पानी छोड़े जाने की बात कही गई है। किसानों का तर्क है कि इस नहर के शुरू होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ पहुंचेगा और उनकी फसलें बर्बाद होने से बच जाएंगी।

इस नहर के पानी से खेरी-पाराशर, चौमूं, सुनवई, अकबई, ठेठइयापुरा, राजियर, खड़वई, महाराजपुर, चितावनी और सलवाई समेत कई अन्य गांवों के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन ने दिया आश्वासन, चेतावनी भी दी

यह पत्राचार का समय नहीं है, इसलिए हमने सीधे अधिकारियों से चर्चा की है। यदि शीघ्र पानी नहीं मिला तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी और हमें बड़ा प्रदर्शन करना पड़ेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष अमरदीप औलख के साथ महामंत्री महेंद्र सिंह राणा (बल्ली), आलोक पाठक, धीरज शर्मा और राजू खटीक सहित तमाम कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।