मध्य प्रदेश के डबरा क्षेत्र में हाल ही में सामने आए मारपीट के एक चर्चित मामले में स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा है। यह पूरा मामला 26 सितंबर का है, जब इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था जिसमें कुछ लोग एक कमरे के भीतर एक युवक की चप्पलों से बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे थे।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन से धरे गए आरोपी

पुलिस के अनुसार, इस घटना के बाद से ही आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही थी। बुधवार को स्थानीय पुलिस को सटीक सूचना मिली कि इस कांड में संलिप्त दो आरोपी ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 के आसपास छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने तुरंत दबिश दी और राज वाल्मीकि तथा बल्लू जाटव नामक दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

महज बारह सौ रुपए के विवाद से जुड़ा है मामला

जांच में सामने आया है कि इस पूरी घटना के पीछे पैसों के लेन-देन का पुराना विवाद था। पकड़े गए आरोपी राज वाल्मीकि, बल्लू जाटव और उनके अन्य साथी ब्याज पर रकम देने का काम करते हैं। करीब बीस दिन पहले पीड़ित सुनील जाटव को इन लोगों ने 1,200 रुपए दिए थे, जिनकी अदायगी समय पर नहीं हो पा रही थी। इसी बात से खफा होकर आरोपियों ने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया।

पैसे न लौटने की नाराजगी के चलते आरोपियों ने सुनील जाटव को एक कमरे में बंधक बना लिया और फिर उसकी जमकर चप्पलों से पिटाई की। वीडियो वायरल होने के बाद डबरा थाना प्रभारी संजय शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य संलिप्त लोगों की भी पहचान और तलाश शुरू कर दी थी।

न्यायालय में पेश कर भेजे गए जेल

एसडीओपी सौरभ कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।