डबरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शरणागत गांव में शनिवार देर रात मवेशी चोरी की बड़ी वारदात सामने आई थी। गांव के निवासी हरि सिंह कुशवाहा की दो भैंसें अज्ञात चोर चुरा ले गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत पिछोर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

त्वरित कार्रवाई के लिए बनाई गई थी संयुक्त टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के दिशा-निर्देशन में पिछोर और गिजौर्रा थाने की एक संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया, ताकि चोरों का जल्द से जल्द सुराग लगाया जा सके।

पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सटीक सूचना मिली कि चोरी की गई दोनों भैंसों को एक लोडिंग गाड़ी (क्रमांक MP07ZT5477) में लादकर ले जाया जा रहा है। वाहन को महाराजपुरा थाना क्षेत्र के बरेठा-मालनपुर मार्ग पर देखे जाने की खबर थी।

ग्वालियर-भिंड सीमा पर दबोचा गया आरोपी

मुखबिर के बताए गए ठिकानों पर दबिश देते हुए संयुक्त पुलिस दल ने रविवार सुबह ग्वालियर और भिंड जिले की सीमा पर घेराबंदी की। पुलिस ने संदिग्ध लोडिंग गाड़ी को पकड़ लिया और वाहन के साथ भिंड निवासी रामेश्वर उर्फ आकाश खटीक को हिरासत में ले लिया।

पुलिस पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी रामेश्वर ने अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि इस वारदात में उसके साथ अरुण खटीक, मनीष परिहार और राजेंद्र परिहार भी शामिल थे।

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने नामजद किए गए तीनों अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

घटना के महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने चोरी हुआ शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बरामद की गई दोनों भैंसों को उनके असली मालिक को सुरक्षित सौंप दिया है।