ग्वालियर उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद बिलौआ क्षेत्र में लगातार गिट्टी के अवैध परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इसी बात को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण और चेकिंग अभियान की शुरुआत की है, जिससे खनिज माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
एसडीएम ने की रात के समय रेंडम चेकिंग
सोमवार की रात डबरा एसडीएम नवकिरण कौर ने राजस्व और माइनिंग विभाग के अमले के साथ मिलकर बिलौआ इलाके में विशेष रूप से वाहनों की जांच की। इस दौरान सड़क पर गुजर रहे कई भारी वाहनों को रोककर उनके कागजातों की बारीकी से पड़ताल की गई।
दस्तावेज न मिलने पर थाने में खड़े कराए वाहन
जांच-पड़ताल के दौरान अधिकारियों को कई डंपरों में गिट्टी परिवहन से जुड़े रॉयल्टी और अन्य वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके अलावा कुछ वाहन तय क्षमता से अधिक लोड किए हुए पाए गए। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 12 वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया और उन्हें बिलौआ थाना परिसर में सुरक्षा के बीच खड़ा कराया।
इन सभी जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ खनिज अधिनियम यानी माइनिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चेक पोस्ट के रजिस्टर की भी हुई जांच
कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवकिरण कौर ने बिलौआ चेक पोस्ट का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पहुंचकर वाहनों की आवाजाही दर्ज करने वाले एंट्री रजिस्टर को खुद खंगाला। मौके पर मौजूद अमले को सख्त हिदायत दी गई कि वाहनों की जांच और कागजों के मिलान में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई वाहन बिना उचित अनुमति के निकलता पाया गया, तो ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर भी गाज गिरेगी।
गौरतलब है कि बिलौआ क्षेत्र में हो रहे काले पत्थर और गिट्टी के खनन व परिवहन के मामले को हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान में लिया था। अदालत के आदेश के बाद ही इस इलाके में विशेष चेक पोस्ट बनाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि अवैध ढुलाई पर रोक लग सके।
डबरा एसडीएम नवकिरण कौर का कहना है कि औचक चेकिंग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!