डबरा शहर के एक निजी होटल में बुधवार को लायंस क्लब डबरा सिटी का 10वां पदस्थापना समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एमजेएफ लायन सुधीर बाजपेयी (आईपीडीजी) ने शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि ने की निस्वार्थ सेवा की सराहना
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुधीर बाजपेयी ने कहा कि समाजसेवा ही मनुष्य जीवन का सर्वोच्च ध्येय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असहाय और पीड़ित मानवता की निस्वार्थ सेवा से ही ईश्वर की सच्ची पूजा संभव होती है। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि लायंस क्लब ने हमेशा अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है।
अधिकारियों ने दिलाई नई टीम को शपथ
कार्यक्रम के दौरान पदस्थापना अधिकारी एमजेएफ नितिन मांगलिक (पीडीजी) और इंडक्शन ऑफिसर एमजेएफ सी. एस. तोमर (पीडीजी) ने सत्र 2026-27 के लिए चुनी गई नई कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अजय सपरा (एरिया लीडर), पीएमजेएफ राकेश अग्रवाल (रीजन चेयरमैन) और ब्रजेश गुप्ता (जोन चेयरमैन-2) भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण से पहले, वर्ष 2025-26 के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. ध्यानेंद्र सिंह, सचिव विनोद गुप्ता और कोषाध्यक्ष प्रदीप पांडा ने अपने कार्यकाल के दौरान संपन्न हुए सेवा कार्यों का विस्तृत विवरण पेश किया और नई टीम को उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
महेश सहगल ने संभाली नए अध्यक्ष की कमान
विस्तृत औपचारिकताओं के बाद सत्र 2026-27 के वास्ते नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेश सहगल, सचिव नीलेश गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष जितेन्द्र जैन को विधिवत रूप से पदभार सौंपा गया।
मुझ पर विश्वास जताकर डबरा की इस प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व सौंपने के लिए मैं समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। हमारा मुख्य उद्देश्य डबरा शहर के अंतिम व्यक्ति तक राहत और मदद पहुंचाना रहेगा।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेश सहगल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि क्लब शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और निर्धन वर्ग की सहायता के लिए निरंतर काम करेगा। इस गरिमामयी आयोजन में शहर के तमाम गणमान्य नागरिक और क्लब के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!