ग्वालियर, भिंड और इटावा को आपस में जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-719 को फोरलेन में बदलने का प्रस्ताव अब शासन की कैबिनेट तक पहुंच चुका है। क्षेत्र के नागरिकों और यात्रियों लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की आस लगाए बैठे हैं, क्योंकि वर्तमान में यह सड़क यातायात के दबाव को झेलने में असमर्थ साबित हो रही है।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा था मांगपत्र
इस अहम परियोजना को गति देने के लिए भिंड-दतिया क्षेत्र की सांसद संध्या राय ने पूर्व में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने एक विस्तृत मांगपत्र सौंपकर मार्ग को जल्द से जल्द फोरलेन घोषित किए जाने की पुरजोर मांग उठाई थी।
सांसद के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंचने के बाद भी धरातल पर काम शुरू होने की निश्चित तिथि का इंतजार अब भी बना हुआ है।
हर महीने हो रही कई लोगों की मौत
इस व्यस्त मार्ग पर लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय आंकड़ों के मुताबिक एनएच-719 पर हर महीने औसतन 8 से 10 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान चली जाती है, जबकि घायलों की संख्या भी काफी अधिक है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि मार्ग के फोरलेन बन जाने से वाहनों की आवाजाही सुरक्षित होगी और हादसों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
राजधानी दिल्ली में डीपीआर पर हो चुकी है चर्चा
इस परियोजना को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पीएटीएससी की तकनीकी बैठक पहले ही आयोजित की जा चुकी है। उस बैठक में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर के तमाम तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि कागजी कार्रवाई काफी आगे बढ़ चुकी है।
कैबिनेट की अंतिम मुहर लगने के बाद इस कार्य के लिए वित्तीय आवंटन, प्रशासनिक स्वीकृतियां, भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया जैसे चरण पूरे किए जाएंगे। इन सभी चरणों के संपन्न होने के बाद ही वास्तविक निर्माण कार्य स्थल पर शुरू हो सकेगा, जिस पर अब हर किसी की निगाहें टिकी हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!