सीमा चिन्ह उखाड़ने का वीडियो होने के बावजूद कार्रवाई का आरोप
भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमीनी कब्जे और सीमांकन को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि राजस्व अमले द्वारा जमीन की नाप तौल के बाद जो सीमा चिन्ह और मुड्डियां लगाई गई थीं, उन्हें दूसरे पक्ष द्वारा उखाड़ दिया गया है। इस पूरी घटना का वीडियो फुटेज भी पुलिस के पास उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद उसे जांच में शामिल नहीं किया गया है।
इसी बात से नाराज होकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तमाम पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया। यहां उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपराध क्रमांक 161/2026 की नए सिरे से और किसी वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से जांच करवाए जाने की पुरजोर मांग रखी गई है।
मछंड और गांध बहोरीपुरा की जमीन को लेकर है दो पक्षों में तनातनी
ज्ञापन सौंपने वाले लोगों में जितेंद्र सिंह राजावत, अरविन्द सिंह राजावत, विशाल चौहान और रामू चौहान समेत कई अन्य ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि ग्राम मछंड और गांध बहोरीपुरा में भूमि मालिकाना हक को लेकर दूसरे पक्ष के साथ लगातार विवाद चल रहा है। आवेदकों के मुताबिक, मौजा गांध बहोरीपुरा के सर्वे नंबर 263 की कुल 1.26 हेक्टेयर जमीन में उनका भी वैध हिस्सा मौजूद है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि विरोधी पक्ष ने उनकी इस भूमि के एक बड़े हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा जमाते हुए वहां झोपड़ी खड़ी कर ली है। इस कब्जे को हटाने के लिए कई दौर की पंचायतें और बैठकें भी हुईं, लेकिन कोई ठोस और स्थाई समाधान नहीं निकल सका।
तहसीलदार के आदेश पर हुआ था सीमांकन, धारा 250 के तहत न्यायालय में चल रहा मामला
पीड़ितों ने बताया कि रौन के तहसीलदार के स्पष्ट आदेश पर राजस्व विभाग के अमले ने जमीन का सीमांकन किया था। इसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा निशानदेही कर सीमा चिन्ह और मुड्डियां स्थापित कराई गईं थीं। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान ही दूसरे पक्ष की महिलाओं ने पुलिस बल के सामने ही इन मुड्डियों को उखाड़ फेंका और विरोध में अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
आवेदकों का पक्ष है कि जमीन से अवैध कब्जा हटाने के संदर्भ में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 250 के अंतर्गत तहसीलदार न्यायालय में कानूनी कार्रवाई पहले से ही विचाराधीन है। इसके बावजूद उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि पुलिस इस प्रकरण की गहराई से पड़ताल करे, जिसमें सीमांकन के दस्तावेज, घटना का वीडियो और दोनों पक्षों के तर्क शामिल हों। इस अवसर पर रामअवतार सिंह चच्चू, शंभूसिंह राजावत और रिशू राजावत सहित अन्य गणमान्य लोग भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!