भिंड जिले में पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी' नामक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है, जहां लोग स्वयं आगे आकर नशे की लत छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं।
देर रात थाने पहुंचा नशेड़ी युवक
शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे, भरौली गांव निवासी 35 वर्षीय अंकुश सिंह राजावत नशे की हालत में बेरा देहात थाने पहुंचा। उसने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि वह लंबे समय से नशे का आदी है और कई प्रयासों के बावजूद इस लत से छुटकारा नहीं पा सका है।
अंकुश ने पुलिस को बताया कि वह भिंड पुलिस के 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान से बहुत प्रेरित हुआ है। इसी प्रेरणा के चलते वह स्वयं थाने आया है, ताकि सार्वजनिक रूप से नशा छोड़ने का संकल्प ले सके और अपनी जिंदगी को एक नई दिशा दे सके।
पुलिस के सामने ली शपथ
युवक ने पुलिस अधिकारियों के सामने शपथ लेते हुए कहा कि वह आज के बाद कभी भी शराब, गांजा, अफीम या किसी भी अन्य प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेगा। उसने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह भी कहा कि यदि भविष्य में उसे नशा करते हुए पाया जाए, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
अंकुश ने यह भी संकल्प लिया कि अब वह अपने परिवार पर पूरा ध्यान देगा और समाज में अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। उसने एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवन जीने की इच्छा व्यक्त की।
थाना पुलिस ने युवक की बात को गंभीरता से सुना और उसके इस सकारात्मक कदम की सराहना की। पुलिसकर्मियों ने उसे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया और आवश्यक सलाह भी दी।
अभियान का उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान का मुख्य लक्ष्य युवाओं और आम जनता को नशे के घातक परिणामों के बारे में जागरूक करना है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज को नशे के चंगुल से मुक्त करने के लिए प्रेरित कर रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!