भिंड जिले में इन दिनों खाद के अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ कृषि विभाग द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। फूप और भारौली में पहले ही मामले सामने आ चुके हैं, और अब जम्हौरा गांव में भी अवैध तरीके से रखी और ले जाई जा रही खाद का भंडाफोड़ हुआ है।
गोपनीय सूचना पर हुई थी मकान में छापामार कार्रवाई
कृषि विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 3 अक्टूबर को अधिकारियों ने जम्हौरा गांव में सुरजीत सिंह और शिवकुमार भदौरिया के आवास पर औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान मौके पर इफको डीएपी खाद का भंडारण पाया गया, जिसके बाद तहसीलदार और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने नियमानुसार पंचनामा तैयार किया।
कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं थटका, बल्कि अगले दिन यानी 4 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे एक पिकअप वाहन (यूपी 75 बीटी 2875) से इफको डीएपी की 40 बोरियां ले जाए जाते हुए पकड़ी गईं। वाहन चालकों द्वारा खाद के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
सहकारी संस्था को सौंपी गई खाद, पिकअप थाने में जब्त
5 अक्टूबर को जिला उर्वरक निरीक्षक शिवराज सिंह परमार, अटेर के उर्वरक निरीक्षक नरेश सिंह अटल और कृषि विस्तार अधिकारी ऋषभ श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले में औपचारिक कार्रवाई पूरी की। विभाग ने मौके से जब्त की गई खाद को सुरक्षा की दृष्टि से सेवा सहकारी संस्था खरिका के सुपुर्द कर दिया, जबकि परिवहन में इस्तेमाल पिकअप को अटेर थाने में खड़ा करवाया गया।
खाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने के कारण अधिकारियों ने तुरंत इसके नमूने (सैंपल) भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवा दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद की असल गुणवत्ता का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
चारों नामजद आरोपियों पर पुलिस ने दर्ज किया केस
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नरेश सिंह अटल द्वारा 9 अक्टूबर को अटेर थाना प्रभारी को आधिकारिक पत्र भेजा गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसा है। इस मामले में सुरजीत सिंह, शिवकुमार भदौरिया, अमन भदौरिया (निवासी जम्हौरा) और राकेश बघेल (निवासी बघेलन का पुरा) को आरोपी बनाया गया है। बिना वैध अनुज्ञप्ति या प्राधिकार पत्र के उर्वरक का अवैध कारोबार करने के आरोप में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धाराओं 7, 8 और 19 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!