त्योहारों के नजदीक आते ही खाद्य विभाग का औचक निरीक्षण
दीपावली के पर्व पर बाजार में मिठाई, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की खपत में भारी उछाल आता है। इस दौरान उपभोक्ताओं को शुद्ध सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावट की आशंकाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर पवन कुमार जैन के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में डेयरियों की सघन जांच शुरू कर दी है।
फूप और अनुरुद्धपुरा की डेयरियों पर की गई छापेमारी
सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और किरण सेंगर की अगुवाई में राजस्व दल के साथ मिलकर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। टीम ने सबसे पहले फूप कस्बे में स्थित जागेश्वर डेयरी पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान प्रतिष्ठान से मीठे मावे और शुद्ध घी के संदिग्ध सैंपल जांच के लिए जब्त किए गए।
जांच दल इसके बाद अटेर तहसील के अंतर्गत आने वाले अनुरुद्धपुरा गांव पहुंचा। वहां मुकेश ओझा द्वारा संचालित श्री श्याम डेयरी का निरीक्षण किया गया। इस ठिकाने से टीम ने पनीर और घी के नमूने उठाए, जिन्हें सील कर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु प्रेषित किया जा रहा है।
गंदगी मिलने पर संचालकों को थमाया जाएगा नोटिस
निरीक्षण के दौरान दोनों ही डेयरियों परिसरों में भारी गंदगी और साफ-सफाई का अभाव पाया गया। खाद्य पदार्थों के ठीक नजदीक मक्खियों का जमावड़ा देखकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के प्रावधानों के तहत इन दोनों डेयरियों के संचालकों को अब औपचारिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। त्योहारी सीजन के दौरान आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण और नमूना संकलन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!