गोहद के गांवों में कलेक्टर ने लगाई चौपाल

भिंड जिले के गोहद विकासखंड के घमूरी और छैंकुरी गांव में शुक्रवार को प्रशासनिक अमला पहुंचा। यहां जन संवाद और समस्याओं के समाधान के लिए विशेष चौपाल का आयोजन किया गया था। कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने इस चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सीधे तौर पर सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने इलाके में खारे पानी की समस्या, कच्चे रास्तों और बिजली केबल से जुड़ी परेशानियां प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं।

मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को तुरंत उनका निराकरण करने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान ही फार्मर आईडी और पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े जरूरी पंजीयन भी मौके पर ही कराए गए। इसके अलावा फौती नामांतरण के आवेदन पर तत्काल प्रभाव से पंचनामा तैयार कराया गया। घमूरी गांव में ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के बारे में विस्तार से बताया गया और पट्टाधारकों से अपील की गई कि वे अपनी निशुल्क रजिस्ट्री जरूर करवाएं।

कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि ग्राम बैठकों का आयोजन केवल कागजी तारीखों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। आम जनता की स्थानीय समस्याओं को सामने लाने और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए जरूरत के अनुसार नियमित अंतराल पर ऐसी बैठकें लगातार होनी चाहिए।

स्कूलों में जांची बच्चों की पठन-पाठन की स्थिति

दौरे के दौरान प्रशासनिक प्रमुख ने घमूरी के एकीकृत शासकीय हाईस्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की जांच की तथा पाठ्यपुस्तकों के वितरण का जायजा लिया। इसके बाद वे छैंकुरी के शासकीय माध्यमिक विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने छात्र संख्या, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, खेल मैदान और फर्नीचर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

विद्यालय के निरीक्षण के वक्त उन्होंने खुद बच्चों से पाठ पढ़वाया और गणित के कठिन सवाल हल करवाकर उनकी शैक्षणिक योग्यता का परीक्षण किया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्कूल परिसर में जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल का निर्माण करवाने के निर्देश भी दिए।

आंगनबाड़ी और स्थानीय मांगें

छैंकुरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर उन्होंने बच्चों के वजन तौलने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड पंजी और समग्र आईडी पंजीयन की स्थिति का मुआयना किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पोषण ट्रैकर ऐप ऑपरेट करवाकर उसकी कार्यप्रणाली परखी और बांटे जा रहे टीएचआर राशन के पैकेटों की जांच की।

ग्रामीणों ने चौपाल के माध्यम से नए पंचायत भवन, हाईस्कूल भवन और पेयजल के लिए पानी की टंकी बनवाने की प्रमुख मांगें रखीं। कलेक्टर ने इन सभी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जनपद सीईओ सहित अन्य स्थानीय अधिकारी भी मौजूद रहे।