मध्य प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए देर रात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। इसी क्रम में भिंड जिले के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया गया है। सरकार ने किरोड़ी लाल मीणा को भिंड कलेक्टर के पद से हटाकर राजधानी भोपाल में वित्त विभाग के उप सचिव के रूप में पदस्थ किया है।

उनकी जगह पर 2013 बैच के अधिकारी पवन कुमार जैन को भिंड का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। कार्यभार संभालने से पहले वे सहकारिता विभाग में उप सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नए कलेक्टर के सामने जिले की प्रशासनिक मशीनरी को गति देने और स्थानीय समस्याओं का प्रभावी ढंग से निराकरण करने की मुख्य चुनौती होगी।

एक साल का कार्यकाल और विवादों से नाता

किरोड़ी लाल मीणा ने पिछले साल 3 अक्टूबर को भिंड जिले की कमान संभाली थी और कुल 366 दिनों तक इस पद पर रहे। उनका यह कार्यकाल मिला-जुला और चर्चाओं में घिरा रहा। इस अवधि में कोई ऐसा बड़ा प्रशासनिक सुधार या उपलब्धि सामने नहीं आई जिसकी विशेष चर्चा हो। इसके विपरीत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल न बैठ पाना और हथियार लाइसेंस से जुड़े मामले लगातार सुर्खियों में बने रहे।

सूत्रों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई जा रही थी और पिछले कुछ महीनों से उनके स्थानांतरण की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, शासन द्वारा जारी आदेश में तबादले की कोई विशिष्ट वजह नहीं बताई गई है, लेकिन इसे प्रशासनिक आवश्यकताओं के तहत सामान्य फेरबदल माना जा रहा है।

हथियार लाइसेंस प्रकरण और दलालों की सक्रियता रही अहम मुद्दा

पूर्व कलेक्टर के कार्यकाल के दौरान शस्त्र लाइसेंस का मामला सबसे बड़ा विवाद बना रहा। पूर्व के समय में जारी किए गए कुछ लाइसेंसों को निरस्त करने के निर्णय के बाद यह प्रकरण काफी गरमाया था। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट की लाइसेंस शाखा में दलालों की घुसपैठ और एक महिला कर्मचारी की संदिग्ध संलिप्तता का खुलासा होने के बाद इस विभाग पर पिछले एक साल से ताला लगा हुआ है।

शाखा बंद रहने के कारण आम नागरिकों और लाइसेंस आवेदकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जो अपने जरूरी कामों के लिए लगातार कलेक्ट्रेट के चक्कर काटते रहे हैं। ऐसे में व्यवस्था को सुधारना और अटके हुए कार्यों को दोबारा शुरू करना नए अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

नवागत कलेक्टर से जनता और जनप्रतिनिधियों को उम्मीदें

भिंड की कमान संभालने वाले पवन कुमार जैन से अब जिले के लोगों और जनप्रतिनिधियों को काफी अपेक्षाएं हैं। जिलेवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे किस प्रकार समन्वय स्थापित करते हुए कलेक्ट्रेट से जुड़े कामों को सुचारू बनाते हैं और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करते हैं।