भिंड जिले में कृषि कार्यों को सुचारू रखने और किसानों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब जिले में अमानक या नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचकर अन्नदाताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लापरवाह और अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई अहम बैठक

इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर पवन कुमार जैन ने रविवार को बुलाई गई इस बैठक में उर्वरक कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधियों और जिले के थोक विक्रेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आगामी रबी सीजन के मद्देनजर क्षेत्र में खाद की कुल उपलब्धता, उसके सुचारू परिवहन और समयबद्ध वितरण व्यवस्था की गहराई से समीक्षा की।

खाد के साथ जबरन उत्पाद थोपने पर रोक

कलेक्टर ने बैठक के दौरान दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि डीएपी, यूरिया या एनपीके जैसे मुख्य उर्वरकों के साथ जिंक, कीटनाशक, नीम कोटेड उत्पाद या अन्य कोई भी अतिरिक्त सामान खरीदने के लिए किसानों पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जाए। खाद के साथ अन्य सामग्री की टैगिंग या जबरन बंडलिंग करके बेचने वाले दुकानदारों और एजेंसियों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी खाद निर्धारित सरकारी दरों पर ही बेचे जाने के निर्देश दिए गए हैं।

आगामी सीजन को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कंपनियों, थोक विक्रेताओं और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया गया। भंडारण, लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया है ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। आवश्यकता पड़ने पर रात्रि के समय भी वाहनों से खाद का परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देशदिए गए हैं।

संतुलित उर्वरक उपयोग और प्रशासनिक मौजूदगी

प्रशासन ने डीएपी और यूरिया के साथ-साथ गोदामों में उपलब्ध अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उठाव और वितरण पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा है। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को उनकी फसल की जरूरत के मुताबिक संतुलित मात्रा में ही खाद व उर्वरक इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक करें।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर राजन बी. नाडिया, उप संचालक कृषि राम सुजान शर्मा और उर्वरक यूनियन के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा समेत विभिन्न खाद उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधि और स्थानीय थोक विक्रेता उपस्थित रहे।