कॉलेज में प्राचार्य की कुर्सी को लेकर रस्साकशी

भिंड के प्रमुख एमजेएस कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। कॉलेज में प्रोफेसर सुनील त्रिपाठी और आरए शर्मा के बीच चली इस कुर्सी की जंग के दौरान छात्र गुट भी आमने-सामने आ गए थे। कुछ समय पहले सुनील त्रिपाठी की शिकायत पर छात्र नेता सोनू कमई पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद आरए शर्मा के प्राचार्य बनने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ा प्रदर्शन किया था।

विवाद बढ़ने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई की गई। आदेश के तहत आरए शर्मा को पद से हटाकर एक बार फिर प्रोफेसर सुनील त्रिपाठी को कॉलेज के प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई। प्राचार्य बदलने के इस घटनाक्रम के महज 48 घंटे के भीतर ही कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच मारपीट का नया मामला सामने आ गया।

छात्र नेता की थाने में पिटाई का आरोप

प्राचार्य बदलने के दो दिन बाद कॉलेज में वर्मा नामक छात्र ने पुलिस को शिकायत दी। इसमें एबीवीपी के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुमित दीक्षित पर दो अज्ञात लोगों के जरिए मारपीट कराने का गंभीर आरोप लगाया गया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुमित दीक्षित को कॉलेज से उठाया और पूछताछ के लिए सिटी कोतवाली ले आई।

सुमित दीक्षित का दावा है कि थाने लाए जाने के बाद उन्हें कोतवाली के अंदर एक बाड़े में ले जाया गया। वहां एसआई अमित सिकरवार ने उनके साथ मारपीट की। करीब दो से तीन घंटे तक हिरासत में रखने के बाद जब उन्हें छोड़ा गया, तो उन्होंने अपने साथियों को इस घटना की जानकारी दी।

कार्यकर्ताओं का हंगामा और पुलिस का पक्ष

हिरासत से छूटने के बाद सुमित दीक्षित ने एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सिटी कोतवाली में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभी कार्यकर्ता थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और आरोपी एसआई अमित सिकरवार को तुरंत निलंबित किए जाने की मांग पर अड़ गए।

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने छात्र नेता द्वारा लगाए गए मारपीट के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीएसपी निरंजन राजपूत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता के खिलाफ दो छात्रों के साथ मारपीट की शिकायत मिली थी। इसी सिलसिले में तथ्यों की जांच के लिए सुमित दीक्षित को केवल पूछताछ के वास्ते थाने लाया गया था।