विस्तार ले रहा है नकली खाद का अवैध दायरा

जिले में किसानों तक पहुंचाई जा रही नकली डीएपी और एपीएस खाद का दायरा सिर्फ अटेर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि भारौली और अमायन क्षेत्र के खेतों तक भी यह मिलावटी खाद पहुंच चुकी है। स्थानीय किसानों की सतर्कता के चलते इस काले कारोबार की परतें अब तेजी से उधड़ने लगी हैं।

अमायन मंडी में पकड़ी गई 83 बोरियों की खेप

भारौलीखुर्द गांव के सतर्क किसानों ने खुद पहल करते हुए 83 बोरी नकली डीएपी गुरुवार को अपने कब्जे में ली। यह खेप अमायन की शासकीय कृषि उपज मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर खपाने की कोशिश की जा रही थी। किसानों की पुख्ता निशानदेही के आधार पर ही कृषि विभाग की टीम सक्रिय हुई और अमायन पहुंची।

अधिकारियों ने बिछाया जाल, सप्लायर तक पहुंचे

कार्रवाई के दौरान जब संदेही जितेंद्र अधिकारियों के बुलावे पर नहीं पहुंचा, तब कृषि विभाग की रणनीति के तहत एक किसान के नंबर से उसे फोन करवाया गया। फोन पर तत्काल 20 बोरी डीएपी की जरूरत बताए जाने पर लालच में आकर जितेंद्र मौके पर पहुंच गया, जिसे टीम ने तुरंत दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपी जितेंद्र ने पूछताछ में स्वीकार किया कि इस अवैध धंधे में उसका ड्राइवर राघवेंद्र और महादेव गुर्जर भी उसके साथ शामिल हैं। उसने यह नकली खाद दतिया के रहने वाले पप्पू गुर्जर से खरीदे जाने का खुलासा किया है।

मुरैना और दतिया तक फैले हैं नेटवर्क के तार

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सकराया में बरामद एपीएस खाद की 600 बोरियों और नकली डीएपी के अंदर एक जैसी ही राख के बुरादे से तैयार गोलियां पाई गई हैं। इस गिरोह के तार भिंड के अलावा मुरैना और दतिया जिलों से भी जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं।

जिला कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना के अनुसार, नकली खाद के विक्रय से जुड़े मामलों में लिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में अब तक सामने आए चारों प्रकरणों में दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई लगातार जारी है।