भिंड जिले की मेहगांव थाना पुलिस ने एटीएम मशीनों में तकनीकी फेरबदल कर उपभोक्ताओं की गाढ़ी कमाई ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अनोखे तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी एटीएम के कैश डिस्चार्ज ट्रे पर काले टेप की मदद से एल्युमिनियम की प्लेट चिपका दिया करते थे, जिससे निकलने वाला पैसा बाहर नहीं आ पाता था।

एसबीआई एटीएम को बनाते थे निशाना

यह पूरा मामला 29 सितंबर को भिंड-ग्वालियर हाईवे पर गोरमी तिराहे के पास स्थित एसबीआई एटीएम में सामने आया था। जब एक पीड़ित ग्राहक ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो खाते से रकम कट गई और पर्ची भी निकल आई, लेकिन मशीन से कैश बाहर नहीं आया। बैंक जाकर पड़ताल करने पर लेनदेन सफल होने की पुष्टि हुई। जब एक अन्य ग्राहक के साथ भी ऐसी ही घटना घटी, तो 1 अक्टूबर को थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। नतीजतन, 2 अक्टूबर को पुलिस ने गोरमी तिराहे के समीप संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को घेराबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने एटीएम से नकदी चुराने की बात कबूल कर ली।

गूगल मैप से ढूंढते थे हाईवे के एटीएम

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये शातिर अपराधी गूगल मैप की सहायता से एसबीआई के एटीएम की लोकेशन तलाशते थे। वे विशेष रूप से हाईवे के आसपास स्थित एटीएम को अपना निशाना बनाते थे ताकि घटना को अंजाम देने के बाद आसानी से दूसरे शहर फरार हो सकें। ये सभी आरोपी 24 सितंबर को नोएडा से टाटा हैरियर कार में सवार होकर निकले थे और आगरा, मुरैना, ग्वालियर के रास्ते मेहगांव पहुंचे थे। इनकी योजना दक्षिण भारत तक जाकर ऐसी वारदातों को अंजाम देने की थी।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्ष 2018 से इसी संगठित तरीके से एटीएम बूथों पर हेराफेरी कर रहा है। पूछताछ के दौरान इन्होंने बताया कि वे वर्ष 2019 में देहरादून और वर्ष 2020 में रुद्रपुर में भी पकड़े जा चुके हैं और जेल की हवा खा चुके हैं। ये लोग अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बदलकर भी ठगी करने में माहिर हैं।

लाखों का सामान और वाहन जब्त

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्यार्थ (पुत्र देवेंद्र मिश्रा, निवासी वजीरगंज, अयोध्या), सत्यम सिंह परिहार (पुत्र अजयवीर सिंह परिहार, निवासी केडीए कॉलोनी, यशोदनगर, कानपुर) और अभिजीत सिंह (पुत्र प्रद्युम्न कुमार सिंह, निवासी हरदोई, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 एल्युमिनियम प्लेट, विभिन्न बैंकों के 94 एटीएम कार्ड, 2 कैंची, काले व नीले रंग के टेप, फेवीक्विक, चार महंगे स्मार्टफोन, आईफोन एक्स और वारदात में प्रयुक्त टाटा हैरियर कार बरामद की है। जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग 36 लाख रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा और उनकी टीम के साथ साइबर सेल के कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।