भिंड शहर के ट्रैफिक थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां यातायात थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) देवेंद्र सिंह जादौन ने सोमवार सुबह अपने सरकारी क्वार्टर के भीतर गमछे का फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

साथी जवानों ने खिड़की से देखा शव

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एएसआई जादौन तय समय पर अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। उनके न आने पर जब साथी पुलिसकर्मी उन्हें देखने के लिए उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और खिड़की से झांका, तो वे गमछे के फंदे पर लटके हुए मिले।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना और ट्रैफिक थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और सीएसपी निरंजन राजपूत ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।

मुरैना के रहने वाले थे और परिवार ग्वालियर में था

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े बारह बजे शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के वास्ते जिला अस्पताल भिजवाया गया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतक ASI देवेंद्र सिंह जादौन की उम्र 48 वर्ष थी और वे मूल रूप से मुरैना जिले के तेतरा गांव के रहने वाले थे। वे साल 2024 से भिंड के ट्रैफिक थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका परिवार ग्वालियर में रहता था जबकि वे भिंड स्थित सरकारी आवास में अकेले रह रहे थे।

बेटी की शादी की चल रही थी तैयारियां

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जादौन की तीन संतानों में सभी बेटियां हैं। उनकी एक बेटी का विवाह पहले ही हो चुका है, जबकि दूसरी बेटी की शादी की तैयारियां इन दिनों जोर-शोर से चल रही थीं। परिवार के लोग आगामी चार-पांच महीनों में विवाह की तारीख पक्की करने की योजना बना रहे थे।

फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों से पर्दा उठ सकेगा।