भिंड जिले में पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से बेहाल चल रहे नागरिकों को आखिरकार शुक्रवार की सुबह राहत की बूंदें नसीब हुईं। गुरुवार रात से ही आसमान पर बादलों का डेरा जमना शुरू हो गया था, जिसके बाद शुक्रवार तड़के करीब चार बजे से शहर में रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया।
कई दिनों की उमस के बाद मौसम हुआ सुहाना
पिछले कुछ दिनों से इलाके में बादलों की आवाजाही थम गई थी, जिससे दिन के वक्त तीखी धूप और भारी उमस का सामना करना पड़ रहा था। तापमान में हो रहे बदलाव के बीच लोग एक मूसलाधार या अच्छी बरसात की उम्मीद लगाए बैठे थे। गुरुवार की रात से मौसम का रुख पलटा और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
27 सितंबर तक बारिश की संभावना, प्रशासन ने दी चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक जिले में 24 से 27 सितंबर के बीच हल्की से लेकर मध्यम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है। विशेषकर कच्चे मकानों में रहने वाले नागरिकों तथा नदी-नालों के आसपास के इलाकों में एहतियात बरतने की सलाह दी गई है, साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।
ग्रामीण अंचलों और कस्बों में भी बरसात का असर देखने को मिला है। लहार, अलमपुर और दबोह क्षेत्र से भी गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के समाचार मिले हैं। खेतों में पानी की आस लगाए बैठे किसानों की निगाहें अब आगामी दिनों में बरसने वाले बादलों पर टिकी हुई हैं।
नमी बढ़ने से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह
इस हल्की बारिश और बादलों के कारण शुक्रवार को वातावरण में आर्द्रता का स्तर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया। नमी अधिक होने के कारण उमस का हल्का अहसास जरूर हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान नीचे आया जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
मौसम के इस बार-बार बदलते मिजाज और तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को आगाह किया है। इस तरह के मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण जैसी मौसमी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए आमजन को उचित सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!