भिंड जिले में विश्व दृष्टि दिवस के मौके पर जिला अस्पताल परिसर से एक विशेष नेत्र सुरक्षा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की और आमजन को आंखों की सेहत के प्रति जागरूक किया।

विभिन्न मार्गों से गुजरी जागरूकता रैली

यह जागरूकता रैली जिला अस्पताल से आरंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों जैसे परेड चौराहा, गांधी मार्केट और सदर बाजार से होती हुई वापस जिला अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने तख्तियों के माध्यम से लोगों को दृष्टि सुरक्षा का संदेश दिया।

स्क्रीन टाइम के दौरान अपनाएं 20-20 का नियम

नेत्र चिकित्सक प्रभात उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में बच्चों और युवाओं द्वारा मोबाइल, लैपटॉप व कंप्यूटर का उपयोग काफी बढ़ गया है, जिससे आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन और थकान की समस्या पैदा होती है। इससे बचाव के लिए 20-20 का फार्मूला बेहद कारगर है।

चिकित्सकों ने समझाया कि स्क्रीन पर लगातार 20 मिनट तक काम करने के बाद हर बार कम से कम 20 सेकंड के लिए आंखों को विश्राम देना चाहिए। इसके अलावा कक्षा में पीछे बैठने वाले बच्चों को यदि ब्लैकबोर्ड पढ़ने में कठिनाई हो, तो उनकी तुरंत नजर की जांच कराई जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चश्मा लगवाना चाहिए।

40 वर्ष की आयु के बाद नियमित जांच है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि 40 साल की उम्र पार करने के बाद आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। इस अवस्था में मोतियाबिंद और काला पानी जैसी गंभीर नेत्र बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों में किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर खुद से मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर डालने के बजाय किसी योग्य नेत्र विशेषज्ञ से ही परामर्श करना उचित है।

रैली के समापन अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों ने धूल, तेज हवा और दोपहिया वाहन चलाते समय आंखों की हिफाजत करने के उपाय भी बताए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नेत्र संबंधी किसी भी समस्या को हल्के में न लें और समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं।