दिल्ली जाने से रोकने पर भड़के शिक्षक

भिण्ड में शनिवार शाम उस समय स्थिति गरमा गई जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे शिक्षकों की बसें पुलिस ने रोक लीं। कोतवाली पुलिस ने इंदिरा गांधी चौराहे के पास वाहनों की चेकिंग के दौरान बसों को रुकवाया और आगे जाने से मना कर दिया।

पुलिस ने कार्रवाई का आधार बताते हुए कहा कि बसों के पास दिल्ली जाने का वैध परमिट नहीं था और उनकी फिटनेस को लेकर भी आपत्तियां थीं। इन चार बसों में लगभग 200 शिक्षक सवार थे, जिन्हें रोक दिए जाने के बाद उनमें भारी आक्रोश फैल गया।

कोतवाली थाने का किया घेराव

बसों रोके जाने से गुस्साए शिक्षक सीधे कोतवाली थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया। शिक्षकों का आरोप था कि उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सीएसपी निरंजन गुर्जर और टीआई मुकेश शाक्य भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को संभालते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को भी तुरंत थाने बुलाया गया।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मौके पर पहुंचे एसडीएम अखिलेश शर्मा ने शिक्षकों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के नियमों के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

अधिकारियों द्वारा ज्ञापन उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ और शिक्षक वहां से रवाना हो गए। लगभग दो घंटे तक थाने में चले इस घटनाक्रम के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।