भिंड जिले के दबोह नगर परिषद क्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए विकास कार्यों को अब गति मिलने की उम्मीद जाग गई है। गुरुवार की शाम आयोजित हुई परिषद की अहम बैठक के दौरान लगभग छह करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न निर्माण और विकास प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई है।

वार्डों में सीसी रोड और तालाब सौंदर्यीकरण के काम होंगे

परिषद द्वारा स्वीकृत योजनाओं के तहत नगर के सभी 15 वार्डों में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च करके सीसी सड़कों और नालों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त करधेन तालाब पर स्टोन पिचिंग व टोवाल का कार्य, नगर परिषद कार्यालय भवन की छत की विशेष मरम्मत और पेयजल आपूर्ति के लिए नए बोरवेल खनन के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में क्षतिग्रस्त हो चुकी पुलियों का पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य भी करवाया जाएगा।

बैठक के दौरान गरमाई सियासत, पार्षदों ने बनाई दूरी

यह पूरी प्रक्रिया काफी राजनीतिक उठापटक और विरोध के बीच पूरी हुई। कुल 15 सदस्यीय इस नगर परिषद बोर्ड में भारतीय जनता पार्टी के 8 और कांग्रेस पार्टी के 7 पार्षद शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांग्रेस गुट के सभी सातों पार्षद अनुपस्थित रहे, वहीं सत्तारूढ़ दल के भी एक पार्षद की नाराजगी के चलते बैठक में शामिल न होने की बात सामने आई है।

उपाध्यक्ष ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल, सीएमओ ने दी सफाई

परिषद के उपाध्यक्ष हाकिम चौधरी ने बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर मनमाने ढंग से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्षदों को बैठक का एजेंडा केवल एक दिन पहले उपलब्ध कराया गया था और आवश्यक कोरम के बिना इस तरह की बैठक का आयोजन नियमों के विपरीत है।

इन तमाम आरोपों के जवाब में सीएमओ सोनू परिहार ने स्पष्ट किया है कि बैठक की संपूर्ण कार्यवाही पूरी तरह से नियमानुसार और वैध है। उनके मुताबिक, बैठक में रखे गए सभी विकास प्रस्तावों को बहुमत और सर्वसम्मति के आधार पर पारित किया गया है।