मुख्यमंत्री स्तर की वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति

ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में स्वामित्व योजना के अंतर्गत संपत्तियों की रजिस्ट्री का काम फिलहाल ठप रहेगा। भोपाल में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ पटवारी संघ की उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर पटवारियों ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं।

कार्रवाई वापसी और कानूनी संरक्षण की मांग

पटवारी संघ की मुख्य मांग है कि उनके साथियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही, स्वामित्व रजिस्ट्री के कार्य के दौरान किसी भी कानूनी विवाद से बचने के लिए स्पष्ट कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए। संघ का रुख है कि जब तक इन दोनों बिंदुओं पर संबंधित आदेश आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए जाते, वे कार्य पर नहीं लौटेंगे।

तहसील कार्यालय में हुई जिला कार्यकारिणी की बैठक

इसी सिलसिले में शनिवार को भिंड तहसील परिसर में मध्य प्रदेश पटवारी संघ की एक अहम बैठक बुलाई गई। जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सभी तहसीलों के अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक के दौरान भोपाल में हुई चर्चा के तमाम बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया गया।

पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि प्रदेश संगठन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और लिखित आदेश आने तक रजिस्ट्री के काम से दूरी बनाकर रखी जाएगी।

जब तक कार्रवाई वापसी और कानूनी संरक्षण के औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाते, स्वामित्व रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।

जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर ने स्थानीय स्तर पर सभी पटवारियों से अनुशासन और आपसी तालमेल बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संगठन के अगले कदमों की रूपरेखा प्रदेश स्तर से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर ही तय की जाएगी, तब तक सभी को संयम के साथ संगठन के फैसले के साथ खड़े रहना होगा।