भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खितौली गांव में पूर्व सरपंच सब्बीर खां की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपियों की सुरागकशी के लिए पुलिस दलों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
पांच अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की छापेमारी
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने गोहद, मौ, मुरैना जिले के पोरसा तथा ग्वालियर सहित कुल पांच प्रमुख ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। हालांकि, घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक मुख्य आरोपी नहीं लग सके हैं।
खेत की मेढ़ टूटने पर शुरू हुआ था खूनी विवाद
पुलिस की शुरुआती छानबीन में यह बात उजागर हुई है कि खूनी संघर्ष की मुख्य वजह खेत की मेढ़ जोतना थी। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह कुशवाहा के अनुसार, मृतक 54 वर्षीय सब्बीर खां ने लगभग सात-आठ महीने पहले आरोपियों के खेत के पास ही 15 बिस्वा जमीन क्रय की थी।
रविवार को जब वह अपने ट्रैक्टर से उक्त खेत की जुताई कर रहे थे, तभी ट्रैक्टर के चलने से खेत की मेढ़ क्षतिग्रस्त हो गई और कथित तौर पर दूसरे पक्ष की जमीन भी जुत गई। इसी मामूली बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।
सीने में उतारी गईं दो गोलियां
विवाद बढ़ने के बाद विरोधी पक्ष के लोगों ने हथियार निकाल लिए और सब्बीर खां पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उनके सीने में दो गोलियां धंस गईं, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजन तुरंत उन्हें गंभीर हालत में गोहद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मृतक और मुख्य आरोपियों के बीच पूर्व में भी मारपीट व झगड़ा हो चुका था। हालांकि उस वक्त आपसी समझौते के कारण थाने में कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि दोनों पक्ष आपस में करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मृतक के भाई शाहिद खां की तहरीर पर पुलिस ने हाफिज खां, फरमान खां, अरमान खां, अमन खां, आकिब खां (सभी निवासी खितौली) और सन्नू खां (निवासी पोरसा, मुरैना) के विरुद्ध हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!